Description
ABOUT THE BOOK
गोरखपुर की धरती पर नामचीन शायर हुयें है। उनमें फहीम गोरखपुरी,फ़िराक़ गोरखपुरी,गोहर गोरखपुरी, ज़फ़र गोरखपुरी,अहमर गोरखपुरी,नूर गोरखपुरी, हिन्दी गोरखपुरी,एम.कोठियावी राही,उमर कुरैशी, मुस्लिम अंसारी आदि बहुत सारे ग़ज़लकार हुयें है। इन सभी ग़ज़लकारों की यादों को ताज़ा करने की एक छोटी सी कोशिश है, यह सांझा ग़ज़ल संग्रह। हमारी नई पीढ़ी कुछ सबक लें और उनके इन यादों के सायें में कुछ वक्त गुजारें। नई पीढ़ी तब तक कुछ नहीं कर सकती हैं, जब तक हम अपने पूर्वजों को याद ना करें ! क्योंकि आज हम जो कुछ भी हैं , अपने पूर्वजों की बदौलत हैं। हम लाख चांद की ऊंचाइयों को छू लें, पर हमारे पांव जमीन पर रहने चाहिए। क्योंकि पेड़ की मजबूती तभी होती है जब उसके पांव अंगद के पांव की तरह जमें हुये हों। यह ग़ज़ल संग्रह अपनी जड़ों की तरफ लौटने की तरफ संकेत करता हैं। हमने मुकम्मल तौर पर अपने महान शायरों को अपने ज़ेहन में याद रक्खा है। भागीरथी सांस्कृतिक मंच, गोरखपुर सदैव अपने महान साहित्यकारों को सादर नमन करता है और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करता हैं।





FLOWERY QUEEN (Poems)
Chasing Stars at 22: Lessons from My Campus Life
Religiously Stupid!
Jhalkiyaan Jivan Ki
Servant of the Eternal
The Epic Poem Valmiki Ramayana: Ayodhya Kaanda, Volume-2
FUTURE SCIENTIFIC ENVIRONMENT
Bhagirathi
Impact of Mgnrega in Rural Area of Bhagalpur District (Bihar)
Reviews
There are no reviews yet.