Description
“पंख समेटती जिंदगी एक आर्मी ऑफिसर की बेटी “”नंदिनी”” और एक जमींदार के बेटे नीलेश के स्कूली जीवन से लेकर विवाह तक का सफर है। यह नंदिनी के डॉक्टर और नीलेश के सिडनी ऑस्ट्रेलिया से मैनेजमेंट डिग्री हासिल करने के बाद तक की कहानी है। उन दोनों का विवाह माता पिता के मर्जी के बिना एक रिश्तेदार की मदद से होता है। बाद में पिता की मदद से नीलेश सांसद (एम.पी.) बन जाते है और पत्नी नंदिनी जो की एक डॉक्टर है को भी सांसद बनाने वास्ते प्रयासरत है। ऐसा इस वजह से हुआ क्योंकि दोनों ही राजनीति से ओत-प्रोत है और अपने ग्रामीण समाज को खुशनुमा जीवन दिलाने के लिए आपस में प्यार के साथ जिंदगी बिताने को संकल्पित थे ।”
About The Author
डॉ उर्मिला सिंह जो अर्थशास्त्र की एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर है। जिन्होंने अनेक पुस्तकों का लेखन किया है। इनकी अनेक कृतियाँ जिनमें से एक प्रमुख कृति “जीवन प्रबंधन” (कोशिश से कामयाबी तक) “अमेजन” पर उपलब्ध है। उनकी एक कृति “पाटलिपुत्र की कहानी” पटना की जुबानी का प्रकाशन प्रभात प्रकाशन ने किया है जिसके लिए उन्हें बिहार सरकार से आर्थिक सहायता भी प्राप्त हुई थी ।





Panchhala
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