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Kuchh Aur Rang – Ghazal, Nazm, Geet, Kavita

₹200.00

by Waaqif Ludhianavi (Jatinder Kumar)

ISBN: 9789389482386

PRICE: 200/-

Pages: 140

Category: POETRY / General

Delivery Time: 7-9 Days

 

Description

“”” हर चमन मेरा है, हर वतन मेरा, ये जहां मेरा है, जो भी है इस दुनिया में ज़ेर-ए-आसमां मेरा है।”” “”कुछ और रंग”” किताब में पाठकों को वाक़िफ़ की शायरी के कुछ और रंग देखने को मिलेंगे। ग़ज़लों के अलावा इस किताब में वाक़िफ़ लुधियानवी द्वारा रचित नज़्मों, गीतों और कविताओं को भी जगह दी गई है। वैसे तो नज़्म और कविता लगभग समान ही हैं लेकिन फिर भी शायर ने नज़्म और कविता लिखते समय हिन्दी और उर्दू की अपनी-अपनी रौशनी को मद्देनज़र रखते हुए शब्दों का चयन किया है ताकि कविता, कविता ही रहे और नज़्म, नज़्म ही रहे। जो दस गीत इस किताब में शामिल किए गए हैं वोह भी हिन्दी और उर्दू दोनों भाषाओं के अपने-अपने महत्व को ध्यान में रख कर ही रचे गए हैं। पढ़ने वालों को इस किताब में उर्दू और हिन्दी का अलग-अलग रंग देखने को मिलेगा। आशा है कि यह किताब पाठकों के मन को भाएगी। “” सुख का सूर्य उग रहा, सूर्य को निहार तू, हर्ष किरण है प्रतीक्षारत, खोल मन के द्वार तू।”””

About Author

“वाक़िफ़ लुधियानवी” शायरी की दुनिया में एक उभरता हुआ नाम है। “वाक़िफ़ लुधियानवी” का असली नाम “जतिन्दर कुमार” है परन्तु उर्दू ज़बान से गहरा लगाव होने के कारण शायर ने अपना नाम वाक़िफ़ कर लिया और जन्म और पालन-पोषण पंजाब प्रांत के लुधियाना में हुआ तो इसलिए “वाक़िफ़ लुधियानवी” हो गया। वर्तमान में वाक़िफ़ दक्षिण भारत के एक विखयात विद्यालय में संगीत अध्यापक के पद पर कार्यरत है। संगीत से जुड़ाव होने के कारण गीतों, ग़ज़लों, नज़्मों, कविताओं आदि से भी शुरू से ही लगाव रहा। हिन्दू और उर्दू भाषाओं के प्रति गहरी जिज्ञासा और शायरी में गहरी रूचि के परिणाम स्वरूप वाक़िफ़ ने अपने भावों को कविताओं, नज़्मों, ग़ज़लों और गीतों का रूप देना शुरू कर दिया। वाक़िफ़ की विषयगत कविताएं “जतिन्दर कुमार” के नाम से orbit magazine में प्रकाशित होतीं रहतीं हैं। “कुछ और रंग” “Evincepub Publishing” द्वारा प्रकाशित हुई वाक़िफ़ लुधियानवी की दूसरी किताब है। इससे पहले भी Evincepub Publishing द्वारा वाक़िफ़ की ग़ज़लों की किताब ” शरीक-ए-सुख़न” प्रकाशित हो चुकी है।

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