Description
ABOUT THE BOOK
अखिलेश कुमार जी, मोटिवेशनल गुरु के रूप में पथप्रदर्शक बन कर युवाओं का जीवन सँवार रहें हैं। विद्यार्थी जीवन में विषम परिस्थितियों का डटकर सामना करने वाले अखिलेश कुमार जी आज समाज में अपने अस्तित्व को स्थापित करने के लिए संघर्षरत उन युवाओं के लिए आदर्श बनकर उभरे हैं, जो जीवन में बहुत कुछ करना चाहते हैं किन्तु “क्या करे?”” “”कैसे करे””? इस असमंजस की स्थिति में भटक रहे हैं। हर व्यक्ति के अंदर अपार संभावनाएं निहित है किन्तु अपनी शक्ति की पहचान न होने के कारण वह घोर अंधकार में जीवन जीने को मजबूर हैं। समाज के ऐसे ही लोगों खासकर युवा पीढ़ी को जीवन जीने की कला तथा सफलता के मूलमंत्र बताकर उन्होंने लोगों के अंदर इस भाव को बल प्रदान किया है कि – ‘ मनुष्य जन्मजात विजेता है’ । एक मोटिवेशनल गुरु के रूप में अखिलेश कुमार की पहचान प्रदेश की सीमाएं लाँघ कर ग्लोबल होने को आतुर हैं। समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए भी अपने हृदय में करुणा का भाव रखने वाले अखिलेश हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े होते हैं तथा उनके आत्म गौरव की रक्षा करने तथा समाज की मुख्यधारा में जोड़ने की दिशा में सतत रूप से कार्य कर रहे हैं। विद्यार्थी जीवन में पिता को खोने का दर्द झेलने वाले अखिलेश आज दुर्भाग्यवश बचपन में ही अपने माता – पिता को खो देने वाले बालकों को अपनी वात्सल्य की छाँव देकर उनको शिक्षित करने का कार्य कर रहे हैं।

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