Description
Book Description
“उद्गार: कल्पनाओं की उड़ान” डॉ. ऋषभ कुमार जैन के जीवन के विविध रंगों और उनके अनुभवों का एक अनोखा संगम है। डॉक्टर होने के साथ-साथ, डॉ. जैन ने 60 वर्ष की उम्र के बाद कला और यात्रा के प्रति एक गहरी रुचि विकसित की। उनका जीवन सिर्फ पेशे तक ही सीमित नहीं रहा; उन्होंने पाक कला, बागवानी, चित्रकला, और एकल यात्रा में भी अपनी पहचान बनाई। बागवानी के प्रति उनके 50 सालों के जुनून ने उन्हें दमोह जिले (मध्य प्रदेश) में सबसे अधिक गुलाब लगाने के लिए सम्मानित किया।
उनके वैश्विक यात्रा के अनुभवों ने उनकी कल्पनाओं को नई ऊँचाइयाँ दीं, और वह 60 के बाद भी एकल यात्रा पर कई देशों का सफर कर चुके हैं। जब वे 79 वर्ष के थे, तब लिखी गई इस पुस्तक में उनके जीवन का वह सफर है, जहाँ उन्होंने जीवन के हर छोटे-बड़े एहसास को कविताओं के माध्यम से व्यक्त किया है।
जबलपुर में IMA में उनकी चित्रकला प्रदर्शनी ने भी उनके चित्रकार के रूप को दर्शाया। उनकी कविताओं में न केवल भावनाओं का गहराई है, बल्कि हर कविता जीवन के उस अनुभव की झलक देती है, जिसे उन्होंने अपने शब्दों और रंगों के माध्यम से अमर कर दिया है।
“उद्गार: कल्पनाओं की उड़ान” में निहित कविताएँ और चित्र, पाठकों को एक ऐसे सफर पर ले जाते हैं जहाँ जीवन के विविध पहलुओं का सजीव चित्रण होता है। यह पुस्तक केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि डॉ. जैन के अद्भुत और प्रेरणादायक जीवन की यात्रा का प्रतिबिंब है।



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