Description
ABOUT THE BOOK
हर पल,हर लम्हा
बन सकता है
एक कहानी,
एक नज़्म…
बचपन से ही, कविता, साहित्य, और नाटक में मंजु जी की रूचि रही और बचपन से ही वे लघु कथाओं और लघु नाटकों में भाग लेती रहीं और आगे चलकर उनकी कविताएं विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही। यह पुस्तक “पल” इनके जीवन के विभिन्न पलों की उत्कृष्ट भावनाओं का संग्रह है।
इस पुस्तक में प्रस्तुत कविताएँ और भावनाएं पाठकों के दिलों को अवश्य छू जाएँगी।
“फिसलती है हाथों से जैसे रेत
गुज़र रहा है हर पल
कर रहा हो जैसे सचेत
जी लो हर लम्हा भरपूर”





The Journey Of An Imaginary's Mind
ACUTE SENSATION HEARTFELT
A New Idea in Chess Sibling Positions
Pun Is Fun Only Book In The World With 1200+ Puns
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