Description
फैंटेसी की पुत्रियाँ — रमेश गोहे का एक सशक्त काव्य-संग्रह है जो समकालीन समाज, राजनीति, स्त्री-विमर्श, पर्यावरण और मानवीय संवेदनाओं को गहराई से छूता है।
इन कविताओं में गाँव, जंगल, प्रेम, पीड़ा, युद्ध, सत्ता और आत्मचिंतन एक साथ चलते हैं। सरल भाषा में कही गई ये रचनाएँ हमें सोचने, महसूस करने और सवाल करने के लिए प्रेरित करती हैं।
यह पुस्तक उन पाठकों के लिए है जो कविता में केवल सौंदर्य नहीं, बल्कि सत्य और संवेदना खोजते हैं।





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