Description
यह पुस्तक केवल अपराधिक स्वभाव पर हीं आधारित नहीं हैं, बल्कि इस पुस्तक में मानव अधिकार पर किए गए गहरे चोट कि निशानी भी हैं। मानव अधिकार, विचार, व्यवहार, संस्कार, अचार एंव मानव जीवन शैली कों प्रभावित करने वाली वैचारिक शस्त्रों कि व्याख्या हैं। बिहार में अपराध और अपराधियों के बीच द्वंद्व भरी यात्रा का अल्प संवाद हैं और अपराध पर आधारित युवाओं के जोश और जुनून का सिर्फ सामान्य समिक्षा हीं नहीं हैं, बल्कि वास्तविक समाजवाद के हृदय पर आघात का अमिट छाप भीं हैं। राम मनोहर लोहिया, बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा और कर्पूरी ठाकुर , सामाजिक न्याय के पुरोधा माननीय पूर्व मुख्यमंत्री श्री लालू प्रसाद यादव एंव जय प्रकाश नारायण के संघर्ष का गौरव भी हैं।





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