Description
About the book
मैं जाह्नवी , ऐब ज़िंदगी मेरा धड़कता दिल है। इसका हर पन्ना मेरी ज़िंदगी के ऐब भरता है। इसमें लिखा हर अलफ़ाज़ मेरा सच है। बचपन में पापा ज़िंदगी के किस्से सुनाया करते थे। और अब वोह ज़िंदगी के ऐब समझाते है। समझ ना तब आया था समझ ना अब आता है। ऐब ज़िंदगी मेरे उन्ही सवालो का जवाब है। ऐब ज़िंदगी मुझसे कई ज़्यादा मेरे पापा की अमानत है।





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