Description
ABOUT THE BOOK
युगपुरुष कृष्ण….. लीला धर कृष्ण ……गोपी बल्लभ या राधा के कृष्ण यह पुस्तक कृष्ण के एक दूसरे पहलू को उजागर करती है। देवकीनंदन कृष्ण जो जन्म के तुरंत बाद अपनी जन्म दात्री से अलग हो गए । कारागार में कष्ट सहती देवकी और वृंदावन में पलते कृष्ण….. क्या जगत उद्धारक कृष्ण को अपनी जन्म दात्री ही याद ना रही……. फिर सारी दुनिया उन्हें सृष्टिकर्ता कहे या जनार्दन……. देवकी और वसुदेव का दुख समझने में इतनी देर क्यों लगाई……


The Legend Of The Stones Of Life The Birth Of The Gods
The Aravan Head
Hallucination of Life
Reviews
There are no reviews yet.