Description
मैं पढ़ता आया हूँ कि कवि कविता या तो दिल से लिखता है या अपने जीवन में भोगे गये यर्थात को सामने रखकर लिखता है।मैंने ये कविता आज से 20 से 25 वर्ष पूर्व अपने अनुभव से लिखा है, जिसे मैंने विभिन्न अवसरों पर अनुभव किया था। ये कवितायें और क्षणिकायें मेरे डायरी के पन्नों पर लिखी गई थी। मैंने न तो कभी इसे प्रकाषित करने की सोची और न ही कहीं प्रकाषन हेतु भेजा एक दिन मुझे आज की सबसे सशक्त माध्यम इंटरनेट से ज्ञात हुआ कि कवितायें भी ऑनलाइन प्रकाषित होती हैं । वर्षों पूर्व मन में दबी हुई भावना जाग उठी और मैंने अपनी अनुभव से लिखी अनुभव नामक यह कविता संग्रह आपके समक्ष प्रस्तुत करने की कोशिश की है। 20 से 25 वर्ष पूर्व लिखी कविता वर्तमान पाठकों को संतुष्ट करने में कितनी सफल हो पाई है, यह कार्य मैं पाठकों पर छोड़ता हूँ। आषा है पाठक अपनी राय प्रेषित करेंगे।


RudraSarga - Survival… It’s a Hard Game!
Bikhre Sapne
Till The Last sunset
Nabai Dakater Galpo Ebang - Aitihasik Patabhumikay
Mona Lisa
Dream - Chaos and Beyond
Katashi Tales by Shiju H. Pallithazheth
My Finest Gift For Humanity
Keep Them Engaged!
Tales Eve - An Anthology of short stories
Bhagavad Gita - the Myths & Facts
ABCD of Motivation - Just a Bhartian 7 point someone
Anubhav
Reviews
There are no reviews yet.