Description
प्रिय पाठको, यह मेरे अतीत का संकलन है जो कि मेरे और दोस्तों के साथ घटित वास्तविक घटनाओं पर आधारित है। इसमें किसी भी प्रकार की कोई कल्पना नहीं की गई। इस कहानी में दोस्तों के साथ खेल, स्कूल, कॉलेज से लेकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई तक घटित रोमांचित घटनाओ का वर्णन तथा मेरे साथ घटित घटनाएं, सफलता, असफलता और अतीत के प्रेम को छोटे-छोटे अध्याय के रूप में इस किताब में दर्शाया गया है इतना ही नहीं मैंने अपने अतीत के पुराने से पुराने लम्हों को दर्शाने का प्रयास किया है। प्रिय पाठकों मैं कोई लेखक या कवि नहीं हूं। मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि मेरे साथ घटित हुए प्रत्येक लम्हे को एक किताब “अनकही अंतिम 15 मिनट” के रूप में आपके सामने प्रस्तुत करूंगा। इस किताब को मैं अपने मित्रों को समर्पित करते हुए आत्म गर्वित महसूस कर रहा हूं।
About The Author
दो शब्द……. उत्तर प्रदेश के अलीगढ जनपद में 20 जनवरी 1992 को जन्मे बनीसिंह ने, जो कि एक मध्यम परिवार से ताल्लुक रखते हैं।ने अपनी बुद्धि और विवेक का प्रयोग कर तथा संघर्षो का सामना करते हुए शिक्षा प्राप्त की। इन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा अपने गृह जनपद से पूर्ण करने के बाद आरबीएस कॉलेज आगरा इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए पहुंचे वहां इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (स्पेशलाइजेशन इंडस्ट्रियल कंट्रोल) से पढ़ाई करने के बाद डीएस कॉलेज अलीगढ़, से बी.ए., एम.ए (अंग्रेजी) की शिक्षा पूर्ण की। प्रस्तुत लेख इनकी स्कूली शिक्षा से लेकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान अपने और दोस्तों के साथ घटित घटनाओ पर आधारित है। जो कि “अनकही अन्तिम पंद्रह मिनट” के अंतर्गत है।




Ranalampata
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