Description
दृष्टा की इस खोज में आपका स्वागत है। दृष्टा एक शाश्वत विचार है जो हमें हमारे वास्तविक स्वरूप को पहचानने के लिए प्रेरित करता है। दृष्टा (शाब्दिक अर्थ “दर्शक” या “साक्षी चेतना”) हमारे उस पहलू को दर्शाता है जो हमारे विचारों, भावनाओं और अनुभवों को बिना उनमें उलझे चुपचाप देखता रहता है। यह एक स्थिर और शांत उपस्थिति के रूप में कार्य करता है। यह हमें स्पष्टता और शांति देता है, तथा हमें यह समझने में मदद करता है कि हमारी असली पहचान क्या है।
यह पुस्तक विभिन्न आध्यात्मिक और दार्शनिक परंपराओं में “दृष्टा” के विचार को प्रस्तुत करती है, जैसे बौद्ध धर्म, जैन धर्म, सिख धर्म, और वेदों तथा अद्वैत वेदांत की प्राचीन शिक्षाएँ। यह आधुनिक आध्यात्मिक आंदोलनों और विश्व धर्मों, जैसे ईसाई धर्म, इस्लाम, और यहूदी धर्म में इस विचार को कैसे दर्शाया गया है, पर भी ध्यान केंद्रित करती है। हर अध्याय यह दर्शाता है कि विभिन्न संस्कृतियाँ और धर्म एक ही मूल सत्य को उजागर करते हैं कि : हमारी व्यस्त ज़िंदगी के पीछे एक अपरिवर्तनीय चेतना है जो हमें शाश्वत चेतना से जोड़ती है।
जो कोई भी चेतना और आत्मा की प्रकृति में रुचि रखता है, उसे यह पुस्तक अवश्य पढ़नी चाहिए, जो सरल और सहज भाषा में लिखी गई है। इसके अध्याय आपके अपने जीवन में दृष्टा को अनुभव करने के लिए अंतर्दृष्टि और उपयोगी रणनीतियाँ प्रदान करते हैं, चाहे आप इन विचारों से परिचित हों या अपने ज्ञान को बढ़ाने की इच्छा रखते हों। ये तकनीकें, जो ध्यान, भक्ति, और आत्म-निरीक्षण से संबंधित हैं, हमें कठिनाइयों के समय शांति प्राप्त करने और अधिक करुणा और उद्देश्य के साथ जीने का तरीका सिखाती हैं।
जब आप पढ़ें, तो अपने आप से यह प्रश्न पूछें: “वह कौन है जो आपके जीवन को देख रहा है?” यह खोज आपको भीतर के शाश्वत दृष्टा को पहचानने में मदद करेगी—एक ऐसी उपस्थिति जो शांति लाती है और अस्तित्व की सुंदरता को प्रकट करती है।




COME, LET US EXPERIENCE DIVINE DARSHAN: THE DIVINE PATH OF DRISHTA (Hardback Colour)
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